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छत्तीसगढ़ी फिल्मों में बॉलीवुड मसाला जरूरी
रायपुर.
छत्तीसगढ़ी फिल्मों को आगे बढ़ाने के लिए अभी बहुत प्रयास करने
होंगे। इस संबंध में शासकीय स्तर पर भी काम करने की जरूरत है। यह
बातें छत्तीसगढ़ी
फिल्म भांवर की अभिनेत्री डॉली तोमर ने कही। भांवर शुक्रवार को
श्याम टॉकीज में
रिलीज होगी।
मूल रूप से मथुरा की रहने वाली डॉली कई हिंदी धारावाहिक एवं
विज्ञापन फिल्मों
में भी काम कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ी फिल्म का
उनका पहला अनुभव
बेहतर रहा। यह भाषा उन्हें इतनी अच्छी लगी कि वे अब छत्तीसगढ़ी
फिल्मों में और भी
काम करने की इच्छा रखती हैं।
बढ़ सकता है छॉलीवुड:
डॉली साउथ की भी कई फिल्मों में काम कर चुकी हैं।
उनका मानना है कि छत्तीसगढ़ी फिल्मों के आगे बढ़ने से ही इस भाषा
का विकास मूलरूप
से हो सकेगा। इसके लिए उन्होंने लोगों की सोच बदलने के लिए सरकार
की ओर से भी
प्रयास करने की बात कही।
छत्तीसगढ़ी फिल्मों को मनोरंजक बनाने के लिए ही इनमें बॉलीवुड
मसाला डाला जाता
है। डॉली ने छत्तीसगढ़ी को सम्मान दिलाने के लिए छॉलीवुड को आगे
बढ़ाने की जरूरत पर
बल दिया।
प्रदेश में फिल्म उद्योग की संभावनाएं अर्थशास्त्र में स्नातक कर
चुकीं डॉली का
मानना है कि अगले
10
वर्षो में देश के विकास के साथ ही छत्तीसगढ़ का नाम भी विकसित
प्रदेश के तौर पर आ जाएगा। इस प्रदेश में फिल्मों की शूटिंग के लिए
भी श्रेष्ठ जगह
और वातावरण होने की बात भी उन्होंने स्वीकार की। तेजी से विकास के
रास्ते तय कर रहे
प्रदेश में फिल्म उद्योग के लिए बेहतर संभावनाएं हैं।
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