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'2050
तक माओवादी भारत पर राज करना चाहते हैं'
भारत के गृह सचिव जीके पिल्लई ने शुक्रवार को कहा कि माओवादी अगले
40 साल में सशस्त्र संघर्ष के ज़रिए लोकतंत्र को उखाड़ फेंकना
चाहते हैं और देश पर राज करना चाहते हैं. एक सेमिनार के दौरान
उन्होंने यह बात कही.
भारत में वामपंथ की स्थिति के बारे में एक सेमिनार में भारतीय गृह
सचिव ने यह चौंका देने वाली बात कही. उन्होंने कहा कि बहुत संभव है
कि माओवादियों को पूर्व सैनिकों से विध्वंसकारी गतिविधियों में मदद
मिल रही हो.
उनके मुताबिक़, "भारत
में लोकतंत्र को उखाड़ फ़ेंकना,
यह
वे कल या परसों में नहीं करना चाहते. जो किताब उन्होंने बांटी है
उसके हिसाब से उनकी योजना है कि वह 2050 तक भारत में राज करना
चाहते हैं कुछ काग़ज़ात 2060 तक की बात कहते हैं."
पिल्लई के मुताबिक़ नक्सलवादी 2010 या 2012 तक क़ब्ज़ा नहीं करना
चाहते बल्कि उनकी लंबी स्थायी योजना है. पिछले 10 साल में वह धीरे
धीरे आंदोलन तैयार रहे हैं.
भारतीय गृह सचिव ने कहा, "अब
वो भारतीय अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों को घुटने टेकने पर मजबूर
कर सकते हैं. लेकिन वे ऐसा अभी नहीं करना चाहते. वे जानते हैं कि
अगर उन्होंने ऐसा कुछ अभी किया तो सरकार कड़ा रवैया अपनाएगी और
सरकारी कार्रवाई से पूरी तरह निपटने के लिए वे तैयार नहीं हैं
इसलिए वे धीरे धीरे काम करेंगे."
भारत के गृह सचिव जीके पिल्लई के शब्दों में,
"वे
बहुत प्रेरित हैं और अच्छे से प्रशिक्षित भी. हर हमले के बाद वे
पोस्टमार्टम और विश्लेषण करते हैं. और यह विश्लेषण उतना ही अच्छा
होता है जितना किसी देश की सेना का होता है."
गृह
सचिव ने कहा कि 2009 के नक्सली हमलों में 908 लोगों की जान गई जो
कि 1971 के बाद सबसे ज़्यादा थी. उन्होंने बताया,
"यह
हो सकता है कि कम होने से पहले नक्सली हिंसा 2010 और 2011 में बढ़
जाए."
उधर
भारत के दक्षिणपंथी संगठनों ने सरकार से कहा है कि वह माओवादिओं के
ख़िलाफ़ सैनिक कार्रवाई बंद कर दें क्योंकि यह अभियान प्राकृतिक
संसाधनों से भरपूर इलाक़ों के आदिवासियों के ख़िलाफ़ चल रहा है
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